सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुरैना में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुरैना में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई



मुरैना। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए मुरैना जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, खनिज विभाग और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से अवैध रेत खनन एवं परिवहन के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। बीते दो दिनों से लगातार रातभर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान में बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एक ही रात में 21 वाहनों को पकड़कर पुलिस सुरक्षा में रखा गया, जबकि दूसरी रात भी नंबर प्लेट और दस्तावेजों की गहन जांच जारी रही।

जानकारी के अनुसार, मुरैना जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को एक साथ पकड़ा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के तहत की जा रही है, जिनमें राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और उसके परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।

देर रात तक चला संयुक्त अभियान

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों का संयुक्त दल आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-44 पर विशेष अभियान के लिए मैदान में उतरा। यह कार्रवाई रात लगभग 11 बजे शुरू हुई और तड़के करीब 4 बजे तक जारी रही। पांच घंटे तक चले इस अभियान में बानमोर से लेकर आरटीओ चेकपोस्ट तक हाईवे पर सघन वाहन जांच की गई।

इस दौरान बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रहे 11 डंपर और 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर जब्त करने की कार्रवाई की गई। पकड़े गए सभी वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है, जबकि परिवहन विभाग द्वारा उनके दस्तावेजों की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पांच स्थानों पर बनाई गई स्थायी चेकिंग व्यवस्था

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर चम्बल नदी क्षेत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों में पांच प्रमुख चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। ये चेकिंग पॉइंट चम्बल नदी की अल्लाबेली चौकी से लेकर मुरैना जिले की सीमा बानमोर तक बनाए गए हैं।

इन चेकपोस्टों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से रात के समय वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है क्योंकि अवैध रेत परिवहन में लगे अधिकांश वाहन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर संचालित किए जाते हैं। प्रशासन का मानना है कि लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

अवैध रेत परिवहन में बिना नंबर प्लेट वाहनों का इस्तेमाल

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अवैध रेत परिवहन में अक्सर बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों का उपयोग किया जाता है। नंबर प्लेट न होने के कारण ऐसे वाहनों की पहचान करना कठिन हो जाता है और कार्रवाई से बचने की संभावना बढ़ जाती है।

इसी वजह से अभियान के दौरान सबसे पहले नंबर प्लेट की जांच की जा रही है। जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं पाई जा रही या वाहन पंजीयन संबंधी दस्तावेज अधूरे पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वाहन चालकों से खनिज परिवहन अनुमति, रॉयल्टी रसीद और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं।

चम्बल अभ्यारण्य की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभ्यारण्य देश के महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में से एक है। चम्बल नदी में अवैध रेत खनन से नदी की प्राकृतिक संरचना प्रभावित होती है, जिससे घड़ियाल, डॉल्फिन, कछुए तथा अन्य जलीय जीवों के आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित रेत खनन से नदी के प्रवाह, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसी कारण न्यायालय ने समय-समय पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को अवैध खनन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुरैना प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान भी पर्यावरण संरक्षण और न्यायालय के निर्देशों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती

अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। हाईवे पर बनाए गए पांचों चेकपोस्टों पर बड़ी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन से जुड़े तत्वों द्वारा विरोध या बाधा उत्पन्न करने की संभावना को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वाहनों की जांच की जा रही है, जिससे कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे। साथ ही सभी चेकपोस्टों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी एक या दो दिन तक सीमित नहीं रहेगा। अवैध रेत खनन और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी रात के समय विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध परिवहन रोकना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और राजस्व हानि को रोकना भी है। अधिकारियों ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ वैध तरीके से ही खनिज परिवहन करें और कानून का पालन सुनिश्चित करें।

क्या बोले अधिकारी

धर्मराज मीणा, पुलिस अधीक्षक मुरैना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की जा रही है। बिना नंबर प्लेट और संदिग्ध वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

विक्रमजीत सिंह कंग, संभागीय परिवहन अधिकारी, चम्बल संभाग मुरैना ने कहा कि पकड़े गए वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मुरैना में शुरू किया गया यह विशेष अभियान अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, जबकि आम नागरिक प्रशासन के इस कदम को पर्यावरण और कानून व्यवस्था के हित में महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

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