मुरैना में भीषण गर्मी का कहर, धूलभरी आंधी से बढ़ी परेशानी, लोगों का जनजीवन प्रभावित
मुरैना में भीषण गर्मी का कहर, धूलभरी आंधी से बढ़ी परेशानी, लोगों का जनजीवन प्रभावित
मुरैना जिले में इन दिनों भीषण गर्मी ने आमजन का जीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोग हलकान हो रहे हैं। गर्म हवाओं और तपती धूप के बीच आज सुबह से चल रही धूलभरी आंधी ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। मौसम में आए इस बदलाव के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है, बल्कि गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है।
पिछले पखवाड़े से मुरैना जिले के तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सुबह का न्यूनतम तापमान जो पहले 22 डिग्री के आसपास था, वह बढ़कर 28 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं दोपहर के समय अधिकतम तापमान 36 डिग्री से बढ़कर 44 डिग्री तक दर्ज किया गया है। इस भीषण गर्मी के कारण लोग दिन के समय घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि सुबह और देर शाम के समय ही लोगों की आवाजाही दिखाई देती है।
हालांकि बीते दो दिनों में मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला है। देर रात हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है और यह 42 डिग्री पर स्थिर हो गया है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 3 डिग्री कम होकर 25 डिग्री तक पहुंच गया है। इसके बावजूद गर्मी का प्रभाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में मामूली गिरावट संभव है, लेकिन न्यूनतम तापमान में बड़ी कमी नहीं होगी, जिससे सुबह से लेकर देर रात तक गर्मी का असर बना रहेगा।
आज सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और धूलभरी हल्की आंधी चल रही है। इस आंधी के कारण वातावरण में धूल फैल गई है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। गर्म हवाओं के साथ धूल का यह मिश्रण लोगों के लिए और अधिक असहज स्थिति पैदा कर रहा है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अब अपने दैनिक जीवन में बदलाव कर रहे हैं। दिन के समय लोग घरों में रहना ही बेहतर समझ रहे हैं और जरूरी कामों को सुबह या शाम के समय ही निपटा रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के समय ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। हालांकि सुबह और शाम को बाजारों में रौनक देखने को मिलती है।
गर्मी के इस प्रकोप के बीच ठंडे पेय पदार्थों और पानी से भरपूर फलों की मांग तेजी से बढ़ी है। शहर के विभिन्न हिस्सों में जूस, शरबत और गन्ने के रस की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लोग शरीर को ठंडा रखने के लिए तरल पदार्थों का अधिक सेवन कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में उनकी बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है।
इसके अलावा, तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाव के लिए लोग गमछा, स्कार्फ और टोपी का उपयोग कर रहे हैं। बाजार में इन वस्तुओं की बिक्री भी बढ़ गई है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के बीच गमछा और स्कार्फ की मांग अधिक देखी जा रही है। लोग अपने चेहरे और सिर को ढंककर बाहर निकल रहे हैं ताकि गर्मी और धूल से बचा जा सके।
बुजुर्ग लोगों के लिए यह मौसम और भी अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। वे केवल आवश्यक कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं और वह भी सुबह या शाम के समय। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह की गर्मी में लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और लू लगने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
आंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. हरविंदर सिंह का कहना है कि तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद गर्मी का असर अभी कम नहीं होगा। उन्होंने बताया कि न्यूनतम तापमान में अधिक गिरावट नहीं होने के कारण रात के समय भी गर्मी बनी रहेगी, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पाएगी।
गन्ने के जूस विक्रेता रिंकू का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ जूस और ठंडे पेय की मांग काफी बढ़ गई है। लोग बड़ी संख्या में जूस पीने आ रहे हैं, जिससे कारोबार में तेजी आई है। दूसरी ओर, सेवा निवृत्त शासकीय कर्मचारी सुल्तान सिंह सिकरवार का कहना है कि दोपहर में बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है और लोग सुबह-शाम ही अपने काम निपटा रहे हैं।
कुल मिलाकर मुरैना जिले में भीषण गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में हल्की राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन पूरी तरह से गर्मी से छुटकारा मिलने की संभावना अभी कम ही है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है, ताकि वे इस कठिन मौसम का सुरक्षित सामना कर सकें।

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