चंबल पेयजल प्रोजेक्ट का सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने किया निरीक्षण, समय पर पूरा करने के निर्देश

चंबल पेयजल प्रोजेक्ट का सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने किया निरीक्षण, समय पर पूरा करने के निर्देश


पाइपलाइन और पंप हाउस कार्यों की बारीकी से समीक्षा, गुणवत्ता व समय-सीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश

मुरैना/ग्वालियर। ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने आज चंबल पेयजल प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का मुरैना स्थित 5वीं बटालियन क्षेत्र से विस्तृत स्थलीय निरीक्षण प्रारंभ किया। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित की जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्वालियर शहर और आसपास के क्षेत्रों को स्थायी एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।

सुबह के समय शुरू हुए इस निरीक्षण के दौरान सांसद कुशवाहा ने प्रोजेक्ट के विभिन्न घटकों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया, पंप हाउस निर्माण, जल संग्रहण और वितरण से जुड़े तकनीकी पहलुओं का विस्तृत निरीक्षण किया। साइट पर मौजूद इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों से उन्होंने कार्य की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय, कार्य की गति और गुणवत्ता मानकों पर चर्चा हुई। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह परियोजना ग्वालियर क्षेत्र की जीवनरेखा साबित होने वाली है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी क्षमता और संसाधनों का उपयोग किया जाए।

सांसद कुशवाहा ने विशेष रूप से गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि परियोजना की दीर्घकालिक सफलता के लिए निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी गुणवत्ता में कमी पाई जाती है या कार्य में अनावश्यक देरी होती है, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चंबल पेयजल प्रोजेक्ट को ग्वालियर शहर के लिए एक “गेम चेंजर” योजना के रूप में देखा जा रहा है। ग्वालियर लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा है, खासकर गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई इलाकों में लोगों को सीमित समय के लिए ही पानी मिलता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में टैंकरों पर निर्भरता बनी रहती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए चंबल नदी से जल लाकर शहर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

यह परियोजना न केवल शहर के वर्तमान जल संकट को दूर करेगी, बल्कि भविष्य की बढ़ती आबादी की जरूरतों को भी ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसके तहत आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे जल वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और टिकाऊ बन सके। पंप हाउस और अन्य संरचनाओं का निर्माण भी उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जा रहा है, ताकि लंबे समय तक बिना बाधा के जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने अधिकारियों से यह भी कहा कि कार्य में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा पर जोर देते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े हर चरण पर नजर रखी जाए और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।

सांसद कुशवाहा ने भरोसा जताया कि चंबल पेयजल प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ग्वालियर के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, “बहुत जल्द चंबल का स्वच्छ और पर्याप्त पानी ग्वालियर के घर-घर तक पहुंचेगा। इससे न केवल पेयजल संकट समाप्त होगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बेहतर जल आपूर्ति से न केवल घरेलू उपयोग में सुधार होगा, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, भूजल पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों में भी इस परियोजना को लेकर काफी उम्मीदें हैं। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे नागरिकों को उम्मीद है कि इस योजना के पूरा होने के बाद उन्हें नियमित और पर्याप्त पानी मिल सकेगा। प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा से यह स्पष्ट है कि सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के लिए गंभीर है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना तय समय-सीमा में पूरी हो जाती है, तो यह ग्वालियर शहर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी। इससे न केवल वर्तमान जल संकट का समाधान होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में भी शहर को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

संवाददाता : किशोर कुशवाहा 

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